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हिसार नगर निगम में हड़कंप!
पुलिस छापे और CM फ्लाइंग स्क्वायड की अफवाहों से दहशत
अपडेटेड: 6:42 AM PST | शब्द संख्या: 812
हरियाणा के हिसार शहर में आज सुबह एक ऐसी अफरा-तफरी मच गई जो पूरे नगर निगम परिसर को थर्रा गई। नगर निगम कार्यालय में अचानक पुलिस बल के पहुँचते ही कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। अफवाहों का बाजार गर्म हो गया कि मुख्यमंत्री फ्लाइंग स्क्वायड ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ 'ऑपरेशन क्लीन-अप' शुरू कर दिया है।
शहर के प्रमुख प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, जबकि कोहरे और ठंड की लहर ने जनजीवन को पहले ही ठप कर रखा है।
सुबह 8 बजे का दृश्य: पुलिस वाहनों की सरसराहट
सुबह करीब 8:30 बजे जब हिसार नगर निगम के मुख्य द्वार पर दो पुलिस जीपें और एक एसयूवी रुकी, तो अंदर बैठे दर्जनों कर्मचारियों के चेहरे सफेद पड़ गए। "सीएम साहब का फ्लाइंग स्क्वायड आया है!" - यह फुसफुसाहट तेजी से पूरे भवन में फैल गई।
कुछ कर्मचारी फाइलें इधर-उधर छिपाने लगे, तो कुछ ने जल्दबाजी में डेस्क साफ करना शुरू कर दिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "हमें अचानक खबर मिली कि भ्रष्टाचार के खिलाफ छापेमारी हो रही है। सबके हाथ-पैर फूल गए।"
CM फ्लाइंग स्क्वायड की अफवाहों ने बढ़ाई घबराहट
हिसार में पिछले कुछ महीनों से नगर निगम के खिलाफ जमकर शिकायतें दर्ज हो रही हैं। अवैध कबाड़े, सफाई में लापरवाही, जमीन के घोटाले और टैक्स चोरी के आरोपों ने प्रशासन को हरकत में ला दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में निगम कर्मचारियों पर रिश्वत लेते हुए दिखाया गया। स्थानीय BJP विधायक रणजीत सिंह चट्रिक ने सीएम नायब सैनी से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।
📊 निगम के खिलाफ शिकायतों का आंकड़ा:
- कुल शिकायतें: 2,847
- सफाई संबंधी: 1,200
- अवैध निर्माण: 650
- संपत्ति कर: 450
- बकाया वसूली: ₹127 करोड़
शहर में सुरक्षा कड़ी, कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें
हिसार के प्रमुख चौराहों - गणेशी लाल चौक, जिंदल चौक और रेलवे स्टेशन रोड पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी 20 मीटर से भी कम हो गई है।
निगम परिसर के बाहर दर्जनों कर्मचारी और स्थानीय नागरिक इकट्ठा हो गए। कुछ ने नारेबाजी शुरू कर दी - "भ्रष्टाचार हटाओ, हिसार बचाओ!"
राजनीतिक रंग और भविष्य की संभावनाएँ
कांग्रेस ने इसे "सैनी सरकार का ड्रामा" करार दिया, जबकि BJP ने कहा कि यह "भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस" की मिसाल है। पूर्व मेयर प्रवीण पोपली ने हाल ही में निगम कार्यालय का निरीक्षण किया था।
स्थानीय व्यापारी संघ के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा, "हमने कई बार सफाई के लिए शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आज का हादसा स्वागतयोग्य है।"
आगे क्या?
यह घटना हरियाणा के अन्य निगमों के लिए चेतावनी है। सीएम नायब सैनी ने कहा था, "भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई नरमी नहीं।" हिसार के बाद अब करनाल, पानीपत और फरीदाबाद निगमों पर नजर।
हिसारवासी उम्मीद कर रहे हैं कि यह छापेमारी सच्ची सुधार लाएगी। India Zee News इस मामले की ताजा अपडेट्स के साथ बनी रहेगी।