एपस्टीन फाइल्स का नया खुलासा: अमेरिकी न्याय विभाग ने जारी किए लाखों पेज, दुनिया भर में सनसनी - India Zee News

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एपस्टीन फाइल्स का नया खुलासा: अमेरिकी न्याय विभाग ने जारी किए लाखों पेज, दुनिया भर में सनसनी

7 फरवरी 2026

एपस्टीन फाइल्स इमेज

अमेरिका में जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइल्स का नया अध्याय खुल गया है। न्याय विभाग (DOJ) ने हाल ही में लाखों पेज के दस्तावेज जारी किए हैं, जो कुख्यात फाइनेंशियर और सेक्स ट्रैफिकिंग के दोषी एपस्टीन के नेटवर्क को उजागर कर रहे हैं।[web:1][web:10] ये फाइल्स एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत जारी की गई हैं, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2025 में साइन किया था।[web:11]

फाइल्स में क्या है खास?

इन दस्तावेजों में फ्लाइट लॉग्स, ईमेल, इंटरव्यू, फोटो और वीडियो शामिल हैं। कुल 3.5 मिलियन पेज जारी हो चुके हैं, लेकिन अभी भी कई गोपनीय हैं।[web:10] एपस्टीन के प्राइवेट आइलैंड पर जाने वालों के नाम, पीड़ितों के बयान और ड्राफ्ट इंडिक्टमेंट प्रमुख हैं। एक ड्राफ्ट में एपस्टीन पर 32 काउंट लगाए गए थे, लेकिन फ्लोरिडा में डील हो गई।[web:1]

हाई-प्रोफाइल नाम जैसे बिल क्लिंटन, डोनाल्ड ट्रम्प, प्रिंस एंड्र्यू, बिल गेट्स और एलन मस्क का जिक्र है, लेकिन ज्यादातर मामलों में कोई अपराधी लिंक साबित नहीं हुआ।[web:14][web:12] 68 नई फोटो जारी हुईं, जिनमें प्रभावशाली लोग दिखे।[web:12]

राजनीतिक विवाद तेज

डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स के सांसद रो खन्ना और थॉमस मैसी ने अनरेडैक्टेड फाइल्स देखने की मांग की है।[web:1] ट्रंप प्रशासन पर कवर-अप के आरोप लगे हैं, क्योंकि डेडलाइन मिस हुई।[web:4] अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने कहा कि पीड़ितों की पहचान छिपाने के लिए रिडैक्टिंग चल रही है।[web:1]

एपस्टीन की मौत 2019 में जेल में हुई, जो आधिकारिक तौर पर सुसाइड थी, लेकिन साजिश के थ्योरी बरकरार हैं। उसकी पार्टनर घिस्लेन मैक्सवेल 20 साल की सजा काट रही है।[web:6]

भारत से कनेक्शन?

फाइल्स में पीएम नरेंद्र मोदी का नाम एक ईमेल में आया, जो 2017 के इजरायल विजिट से जुड़ा था। भारत सरकार ने इसे 'बकवास' बताकर खारिज कर दिया।[web:13] अनिल अंबानी के ईमेल का भी जिक्र, लेकिन कोई क्रिमिनल लिंक नहीं।[web:16] ये दावे एपस्टीन जैसे अपराधी की कल्पना हैं, MEA ने कहा।

भारत में ये खबर राजनीतिक बहस का विषय बनी, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं मिला। एपस्टीन का नेटवर्क ग्लोबल था, जिसमें बिजनेस और पॉलिटिक्स के लोग शामिल थे।[web:16]

पीड़ितों की आवाज

वर्जीनिया गिफ्रे जैसे पीड़ितों ने पारदर्शिता की मांग की है। फाइल्स से पता चला कि एपस्टीन नाबालिग लड़कियों को लुभाता था।[web:2] DOJ ने 1 मिलियन से ज्यादा नए डॉक्यूमेंट्स मिलने की बात कही।[web:4]

विशेषज्ञों का कहना है कि ये रिलीज न्याय की दिशा में कदम है, लेकिन पूरी सच्चाई अभी बाकी है।[web:17]

भविष्य में क्या?

DOJ ने और रिलीज का वादा किया है। सांसद कंटेम्प्ट सूट की धमकी दे रहे हैं।[web:4] दुनिया भर में ये फाइल्स पावरफुल लोगों की जवाबदेही पर सवाल उठा रही हैं। भारत जैसे देशों में डिप्लोमेटिक इंटरेस्ट जगाया है।

एपस्टीन केस से सबक: अमीरों का नेटवर्क कितना खतरनाक हो सकता है। पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए। (शब्द संख्या: 812)

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